जौहर यूनिवर्सिटी को मिली अंतरिम राहत का स्वागत, सरकार व प्रशासन ने शिक्षाविदों, बुद्धिजीवियों और छात्रों की भावना का सम्मान किया :

जौहर यूनिवर्सिटी को मिली अंतरिम राहत का स्वागत, सरकार व प्रशासन ने शिक्षाविदों, बुद्धिजीवियों और छात्रों की भावना का सम्मान किया : कलीमुल हफीज

संवाददाता मसर्रत अली 

सहसवान/बदायूं। अल-हफीज़ एजुकेशनल एकेडमी के चेयरमैन एवं वरिष्ठ शिक्षाविद कलीमुल हफीज ने रामपुर स्थित मौलाना मोहम्मद अली जौहर यूनिवर्सिटी के 38 भवनों के ध्वस्तीकरण पर मुरादाबाद मंडलायुक्त न्यायालय द्वारा लगाई गई अंतरिम रोक का स्वागत करते हुए इसे शिक्षा जगत के लिए राहत भरा निर्णय बताया। उन्होंने कहा कि इस फैसले से फिलहाल देश की एक महत्वपूर्ण शैक्षणिक धरोहर को जमींदोज़ होने से बचा लिया गया है, जिससे हजारों विद्यार्थियों, शिक्षकों और शिक्षा से जुड़े लोगों में राहत की भावना है।
कलीमुल हफीज ने उत्तर प्रदेश सरकार एवं मुरादाबाद मंडलायुक्त का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि सरकार और प्रशासन ने हम जैसे शिक्षाविदों, बुद्धिजीवियों और छात्रों की भावना का सम्मान किया है। उन्होंने कहा कि शिक्षा संस्थानों के महत्व को समझते हुए मामले पर पुनर्विचार का अवसर देना एक सकारात्मक कदम है। इसके लिए सरकार और मंडलायुक्त महोदय धन्यवाद के पात्र हैं।
उन्होंने कहा कि विश्वविद्यालय केवल भवनों का समूह नहीं होते, बल्कि वे ज्ञान, शोध, संस्कार और राष्ट्र निर्माण के केंद्र होते हैं। ऐसे संस्थानों से हजारों युवाओं के सपने जुड़े होते हैं। यदि किसी प्रकार की प्रशासनिक या तकनीकी कमी हो तो उसका समाधान कानून के दायरे में रहकर संवाद और न्यायिक प्रक्रिया के माध्यम से किया जाना चाहिए, ताकि शिक्षा और विद्यार्थियों का भविष्य प्रभावित न हो।
कलीमुल हफीज ने आशा व्यक्त की कि आगे भी इस मामले में न्यायपूर्ण एवं संतुलित निर्णय लिया जाएगा, जिससे कानून का सम्मान भी बना रहे और देश की इस महत्वपूर्ण शैक्षणिक धरोहर का संरक्षण भी सुनिश्चित हो सके। उन्होंने कहा कि मजबूत विश्वविद्यालय और शिक्षण संस्थान ही एक विकसित, शिक्षित और आत्मनिर्भर भारत की नींव हैं, इसलिए इनका संरक्षण हम सभी की सामूहिक जिम्मेदारी है।

टिप्पणियाँ

इस ब्लॉग से लोकप्रिय पोस्ट

मेरी एक करोड रुपये की बेईमानी करके तुम हो जाना बहुत बड़े आदमी,,,”ईश्वर तुम्हें तुम्हारे कर्म की सजा जरूर देगा

नवांगतुक वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक बदायूँ सुश्री अंकिता शर्मा द्वारा जनपद बदायूँ का पदभार ग्रहण किया

सभासदो की नाराज़गी पड़ी अधिशाषी अधिकारी को भारी हुआ तबादला