जच्चा-बच्चा केंद्रों पर स्वास्थ्य विभाग का शिकंजा, छापेमारी की भनक लगते ही शटर गिराकर फरार हुए संचालक।

जच्चा-बच्चा केंद्रों पर स्वास्थ्य विभाग का शिकंजा, छापेमारी की भनक लगते ही शटर गिराकर फरार हुए संचालक।


संवाददाता मसर्रत अली 

बदायूँ सहसवान नगर एवं ग्रामीण क्षेत्रों में बिना पंजीकरण और मानकों को ताक पर रखकर संचालित हो रहे कथित जच्चा-बच्चा केंद्रों के खिलाफ स्वास्थ्य विभाग ने बड़ी कार्रवाई करते हुए छापेमारी अभियान चलाया। एसीएमओ के नेतृत्व में पहुंची स्वास्थ्य विभाग की टीम को देखते ही क्षेत्र में हड़कंप मच गया।छापेमारी की सूचना मिलते ही अधिकांश जच्चा-बच्चा केंद्रों के संचालकों ने आनन-फानन में अपने अस्पतालों के शटर गिरा दिए और ताले लगाकर मौके से फरार हो गए। टीम जब विभिन्न केंद्रों पर पहुंची तो कई अस्पताल बंद मिले। इस स्थिति ने इन संस्थानों की वैधता और कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि अस्पताल पूरी तरह वैध और नियमों के अनुरूप संचालित हो रहे थे तो संचालकों को कार्रवाई से डरने और मौके से भागने की जरूरत क्यों पड़ी। लोगों का आरोप है कि कई केंद्र बिना लाइसेंस बिना प्रशिक्षित चिकित्सकों और आवश्यक चिकित्सा सुविधाओं के संचालित किए जा रहे हैं जिससे मरीजों विशेषकर गर्भवती महिलाओं और नवजात शिशुओं की जान जोखिम में पड़ रही है।
छापेमारी के दौरान अधिकांश अस्पतालों का बंद मिलना यह संकेत देता है कि क्षेत्र में लंबे समय से अवैध स्वास्थ्य सेवाओं का कारोबार फल-फूल रहा था। वहीं अब लोगो के मन मे यह सवाल भी उठ रहा है कि इतने बड़े पैमाने पर चल रहे इन केंद्रों की जानकारी स्वास्थ्य विभाग को पहले से थी या नहीं। यदि थी तो समय रहते कार्रवाई क्यों नहीं की गई।

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