भ्रष्टाचार और अवैध लाइन शिफ्टिंग पर बड़ी कार्रवाई: सहसवान में दो विद्युत कर्मियों की सेवा समाप्ति की संस्तुति
भ्रष्टाचार और अवैध लाइन शिफ्टिंग पर बड़ी कार्रवाई: सहसवान में दो विद्युत कर्मियों की सेवा समाप्ति की संस्तुति
संवाददाता मसर्रत अली
सहसवान,बदायूं। विद्युत उपखंड सहसवान में नियमों को ताक पर रखकर अवैध रूप से लाइन शिफ्ट करने और उपभोक्ताओं से अवैध वसूली करने के मामले में विभाग ने बड़ी कार्रवाई की है। एसडीओ सहसवान ने घोर लापरवाही,
भ्रष्टाचार और अनुशासनहीनता के आरोप में दो अकुशल संविदा कर्मियों की सेवा तत्काल प्रभाव से समाप्त करने के लिए अधिशासी अभियंता विद्युत वितरण खंड उझानी को प्रबल संस्तुति भेजी है।
इन दोनों मामलों में आरोपियों के खिलाफ एफआईआर की कॉपी भी संलग्न की गई है, जिससे विभाग में हड़कंप मच गया है।
पहले मामले के अनुसार, निजी नलकूप उपभोक्ता श्री मोहब्बे अली की शिकायत पर की गई जांच में अकुशल कर्मी संजय कुमार दोषी पाए गए। जांच के दौरान शिकायतकर्ता मोहब्बे अली और सुभाष यादव के बयानों से यह साफ हुआ कि संजय कुमार ने बिना किसी प्राक्कलन (
एस्टीमेट) स्वीकृति और बिना सक्षम अधिकारी की अनुमति के अवैध रूप से 11 केवी लाइन के 04 पोलों को शिफ्ट कर दिया। इसके बदले में आरोपी द्वारा उपभोक्ता से 30,000 रुपये की अवैध वसूली करने की पुष्टि भी हुई है। उपखंड अधिकारी ने इस कृत्य को विभागीय नियमों के विपरीत, घोर लापरवाही और स्वेच्छाचारिता का परिचायक मानते हुए संजय कुमार की सेवाएं समाप्त करने की संस्तुति की है।
वहीं दूसरा मामला मुख्य अभियंता महोदय को प्राप्त हुई एक शिकायत की जांच से जुड़ा है, जिसमें मौके पर डबल पोल की 11 केवी लाइन अवैध रूप से शिफ्ट पाई गई। इस मामले में जांच के दौरान यह तथ्य सामने आया कि अकुशल कर्मी जितेंद्र यादव ने आर्थिक लाभ प्राप्त करने के उद्देश्य से मनमाने तरीके से 15,000 रुपये लेकर 11 केवी लाइन को हटाया था। जब इस संबंध में लाइनमैन से पूछताछ की गई कि उसने
किसके आदेश पर लाइन हटाई, तो वह कोई संतोषजनक उत्तर नहीं दे सका और न ही सक्षम अधिकारी की अनुमति दिखा पाया। आरोपी जितेंद्र यादव के इस कृत्य को गंभीर अनुशासनहीनता, भ्रष्ट आचरण और विभागीय नियमों का खुला उल्लंघन मानते हुए एसडीओ सहसवान ने उनकी भी सेवा समाप्ति की प्रबल संस्तुति की है। उपखंड अधिकारी ने साफ किया है कि विभाग की छवि धूमिल करने वाले ऐसे कृत्य किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं किए जाएंगे।
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